डॉ. नीरज गजेंद्र की कलम

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रंग ही नहीं इस होली संगत भी बदलें… और मूल्यवान बनें: डॉ. नीरज गजेंद्र

रंग ही नहीं इस होली संगत भी बदलें... और मूल्यवान बनें: डॉ. नीरज गजेंद्र: सब्जी तौलते समय तराजू पर एक मक्खी बैठ जाए तो...

सावधान! उपलब्धियों के शोर में कहीं खो न जाए आपका आत्मस्वर: डॉ. नीरज गजेंद्र

डॉ. नीरज गजेंद्र: मनुष्य का जीवन अनुभवों और सीख का एक सतत प्रवाह है। वह जन्म से मृत्यु तक स्वयं को समझने, पहचानने और...

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अहंकार की आग में जलता संवाद और राख बनता अस्तित्व : डॉ. नीरज गजेंद्र

बहुत पुरानी बात है। एक पक्षी था भारूंड। उसके दो सिर थे, पर शरीर एक ही। दोनों सिरों की अपनी-अपनी सोच, अपनी-अपनी जिद, अपनी-अपनी...

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वरिष्ठ पत्रकार डॉ. नीरज गजेन्द्र से समझिए कि कैसे पूरी होगी आदर्श समाज की खोज

मानव सभ्यता का सबसे पुराना और सबसे मधुर स्वप्न है एक ऐसा समाज जहां किसी के नेत्रों में भय न हो, किसी के हृदय...

वरिष्ठ पत्रकार डॉ. नीरज गजेंद्र बता रहे कि कौन-कहां और कैसे चलेगा तो मिलेगी मंजिल

डॉ. नीरज गजेंद्रबड़े लक्ष्य की बात होते ही हम अक्सर प्रतिभा, भाग्य या जुगाड़ जैसे शब्दों को याद करते हैं। लेकिन हकीकत यह है...

भूख और बर्बादी के बीच संतुलन की राह: डॉ नीरज गजेंद्र

डॉ नीरज गजेंद्रआज के हालात पर नजर डालें तो तस्वीर चिंता में डाल देती है। खेत की मिट्टी थक चुकी है। रासायनिक खाद से...

हमारे जीवन को संबल देते हैं पितर : डॉ नीरज गजेंद्र

बड़े बुजुर्ग दरख़्त की तरह होते हैं। उनकी छाया में पीढ़ियां अपना घोंसला बनाती हैं। बढ़ती हैं और फिर आगे की पीढ़ियों को सहारा...

कहना-सुनना आसान और भूलना सबसे कठिन

डॉ नीरज गजेंद्र । जीवन में शब्दों का अपना भार होता है कभी यह भार हल्का-फुल्का हंसी में बदल जाता है, तो कभी यह...

अंधेरे में भी नजर आएगी उजाले की किरण

डॉ. नीरज गजेंद्रचिंता और डर, ये हमारे मन के सबसे बड़े दुश्मन हैं। चिंता हमें बांध देती है। डर आगे बढ़ने नहीं देता और...

स्वयं से आरंभ होती है प्रेम की शिक्षा यात्रा – डॉ. नीरज गजेंद्र

कोई किसी को सिखा नहीं सकता, जब तक स्वयं में सीखने की इच्छा न जगे। यह वाक्य नैतिक उपदेश नहीं, सनातन जीवन-दर्शन का सार...

जिंदगी बदले की नहीं, बदलाव की होनी चाहिए :ज़िंदगीनामा/डॉ. नीरज गजेंद्र

आपने सुना होगा, बदले की आग दूसरे को जलाने से पहले खुद को राख कर जाती है। अफसोस! आजकल हर तरफ यही आग फैली...

घर को बनाएं शांति का कैलाश, डॉ. नीरज गजेंद्र

महाशिवरात्रि केवल उपवास और जागरण का पर्व नहीं है। यह जीवन का सबसे बड़ा संदेश देती है कि कैसे हम अपने परिवार और दांपत्य...