चाणक्य नीति: ये 6 आदतों से रहें अलर्ट, नहीं तो जीवन में आ सकती है दरिद्रता

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चाणक्य

जीवन को बेहतर बनाने के लिए आचार्य चाणक्य ने अपने नीति शास्त्र शास्त्र में कई तरह की नीतियों का उल्लेख किया है. उनकी नीतियां व्यक्ति को जीने की कला सिखाती हैं. श्लोक के माध्यम से उन्होंने बताया है कि व्यक्ति को किन आदतों को त्याग देना चाहिए.

कुचैलिनं दन्तमलोपधारिणं बह्वाशिनं निष्ठुरभाषिणं च।

सूर्योदये चास्तमिते शयानं विमुञ्चतिश्रीर्यदि चक्रपाणि:।।

व्यक्ति को हर वक्त सफाई का विशेष ध्यान रखना चाहिए. गंदे फटू-पुराने कपड़े पहनने वाले व्यक्ति के पास कभी लक्ष्मी नहीं आती है. ऐसे लोग हर तरफ से तिरस्कृत होते हैं.

गंदे दांत वाले व्यक्ति के पास भी लक्ष्मी का वास नहीं होता. उसे गरीबी का सामना करना पड़ता है. वहीं, दातों की सफाई करने वाले व्यक्ति पर लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है.

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जरूरत से अधिक खाने वाला व्यक्ति कभी धनवान नहीं हो सकता. दरिद्र व्यक्ति गरीबी के दलदल में धसता चला जाता है.

कड़वे वचन बोलने वाला व्यक्ति धनवान नहीं हो सकता. चाणक्य के मुताबिक व्यक्ति की वाणी से कोई भी दूसरा व्यक्ति आहत नहीं हो इसका ख्याल रखना चाहिए.

अधिक सोने वाले शख्स के पास भी लक्ष्मी नहीं आती हैं. ऐसा शख्स भी कभी धनवान नहीं हो पाता. बिना कारण सोना हानिकारक हो सकता है.

धोखे और बेईमानी से पैसा कमाने वाले लोग अधिक दिन तक अमीर नहीं रहते, वे जल्द ही अपना पैसा गंवा बैठते हैं.

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