छत्तीसगढ़ शासन ने महिला स्व सहायता समूहों के आर्थिक सशक्तिकरण और आर्थिक आजादी के लिए अभिनव पहल

रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा  महिलओं के  सशक्तिकरण  के लिए लगा तार प्रयास किये जा रहे हैं। कबीरधाम जिले की महिला स्वसहायता समूह राज्य सरकार की गोधन न्याय योजना से जुड़कर अब तिहारी सीजन पर घर के लिए सजावटी समाग्रियों, वस्तुओं और पूजा-पाठ के लिए लक्ष्मी-गणेश जी की प्रतिमाएं तैयार कर आय का एक नया जरिया बना रही है। गाय की गोबर से बने लक्ष्मी-गणेश की प्रतिमाएं और घर की सजावटी समाग्रियों को बाजार पर बहुत पंसद किया जा रहा है। जिले में इस काम में जुटी महिला स्व सहायता समूहों को एक स्थाई बाजार उपलब्ध कराया जा रहा है,

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जहां से आम नागरिक अपनी मन पंसद की समाग्री खरीद सकते हैं। कलेक्टर रमेश कुमार शर्मा ने आज कलेक्टर परिसर में संचालित भोर कलेवा के समीप महिला समूहों की दूकान का विधिवत शुभारंभ किया। उन्होने दिपावली पर्व के लिए गोबर से निर्मित दिए और अन्य सजावटी समाग्री भी खरीदी की। जिला पंचायत सीईओ विजय दयाराम के और कवर्धा एसडीएम विपुल गुप्ता ने भी गोबर से निर्मित दिए की खरीदी की। छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत कबीरधाम जिले की महिला समूह आर्थिक रूप से सशक्त हो रही है। गोबर के प्रबंधन और इसके महत्व को समझते हुए महिलाओं को स्वावलंबी बनाने की दिशा में कारगर कदम उठाए गए हैं।

”गोधन न्याय योजना” के तहत गौठानो में गोबर की खरीदी की जा रही है। कबीरधाम जिले के 18 स्वसहायता समुहों की महिलाओं द्वारा दीपावली को ध्यान में रखते हुए गोबर के दीया, ओम, स्वास्तिक, शुभ-लाभ, लक्ष्मी-गणेश जी की प्रतिमा सहित अन्य सजावटी समान भी बनाए जा रहे है। गोबर से बने दीये से इस दीपावली में लोगों के घर जगमगाएंगे। देश में बढ़ते कोविड-19 कोराना वायरस के संक्रमण के रोकथाम और इसके संक्रमण से बचाव को विशेष ध्यान रखते हुए कबीरधाम जिले के बिहान महिला स्व सहायता समूहों द्वारा गोबर के दीया, ओम, स्वास्तिक, शुभ-लाभ, लक्ष्मी जी की मूर्ति तैयार की गई हैं।

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कबीरधाम जिले के बोड़ला, पंडरिया, सहसपुर लोहारा और कवर्धा विकासखंड बिहान के 18 महिला स्व सहायता समूहों द्वारा तैयार की गई  गोबर से निर्मित स्वदेशी दीया, ओम, स्वास्तिक, शुभ-लाभ, लक्ष्मी जी की मूर्ति की मांग बढ़ती जा रही है। शुभारंभ के दौरान कलेक्टर रमेश कुमार शर्मा ने बताया कि राज्य शासन की महत्वकांक्षी योजना गोधन न्याय योजना के तहत जो गौठानो में गोबर खरीदी की जा रही है। उसी गोबर के मल्टीपल यूज को देखते हुए कबीरधाम जिले के 18 स्व सहायता समूह जिसमें कवर्धा ब्लॉक के संगम स्व. सहायता समुह ग्राम बिरकोना, धनलक्ष्मी स्व. सहायता समुह ग्राम बिरकोना,

बोड़ला ब्लॉक के शिवशक्ति स्व. सहायता समुह ग्राम पोड़ी, आंचल स्व. सहायता समुह ग्राम चंडालपुर, सुरज स्व. सहायता समुह ग्राम पोड़ी, मां बंजारी स्व. सहायता समुह ग्राम बर्घरा, गुरू घासीदास स्व. सहायता समुह ग्राम पोड़ी, पंडरिया ब्लॉक के मां संतोषी स्व. सहायता समुह ग्राम रमतला, मां मणी स्व. सहायता समुह ग्राम कापादाह, जय मां शीतला स्व. सहायता समुह ग्राम कुई, जय मां दुर्गा स्व. सहायता समुह ग्राम कुकदुर और सहसपुर लोहारा ब्लॉक के जय मां लक्ष्मी स्व. सहायता समुह ग्राम बचेड़ी, जय मां करोड़ी देवी स्व. सहायता समुह ग्राम बचेडी, जय मां शीतला समुह स्व. सहायता समुह ग्राम बचेड़ी,

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जय मां शक्ति स्व. सहायता समुह ग्राम भिंभौरी, इंडियन स्व. सहायता समुह ग्राम भिंभौरी, जय बुढ़ादेव स्व. सहायता समुह ग्राम भिंभौरी द्वारा गोबर और मिट्टी के मिश्रण के माध्य्म से दिए और लक्ष्मी माता की मूर्ति बनाई है। जिसका आज जिला स्तर पर शुभारंभ किया गया और इसको आने वाले 15 दिनों में सभी ब्लॉक स्तर और महत्वपूर्ण बाजार के माध्यम से गोबर के द्वारा बने दिए का विक्रय किया जाएगा। उन्होंने बताया कि गोधन न्याय योजना के माध्यम से जो गोबर खरीदी हो रही है उसका उपयोग भी होगा और महिला समूहों के आजीविका के साधन में भी वृद्धि होगी।

 

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