आचार्य पकंज सांवरिया ने कहा भागवत में समस्त पापो का नाश करने वाली कथा, जिसके पठन , पाठन एवं श्रवण से जीवन में मिलता है लाभ

राजिम। ग्राम भेण्ड्री राजिम में आयोजित भागवत कथा के प्रथम दिन भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। बतादें कि यहां स्व रामाधीन सिन्हा, स्व देवकुंवर सिन्हा, स्व चतुराम सिन्हा की स्मृति में श्रीमद़भागवत ज्ञान यज्ञ महोत्सव का आयोजन किया गया है। जिसमें सरल व्यास पर परम श्रद्धेय आचार्य पंकज सांवरिया जी महराज (श्रीधाम वृंदावन) परायण कर्ता पंडित राममिलन पांडे, गुरूदेव, परीक्षित नीलकंठ सिन्हा, श्रीमती ममता सिन्हा हैं।

11 फरवरी से भागवत कथा का आरंभ हुआ है। पहले दिल भागवत महात्म, कलश यात्रा के साथ गौकरण कथा का रसपान श्रद्धालु किए। इस अवसर पर सरल व्यास पर पधारे आचार्य पकंज ने श्रीमदभागवत जी के महात्म के प्रथम अध्याय के पहले श्लोक में सत-चित-आनन्द स्वरूप परमात्मा की स्तुति की गई है। उन्होंने भागवत महात्म का वर्णन करते हुए बताया कि भागवत समस्त पापो का नाश करने वाली कथा जिसके पठन, पाठन एवं श्रवण के ” पुण्य ” से समस्त पाप मिटने लगते है एवं जीवात्मा सदगति को प्राप्त होती है यानि पाप नाश के साथ ही सदगति भी है। अतः इस पुण्य कारी कथा का श्रवण एवं अनुकरण करे। अमृत से भरे इस रस का पान करने से जीवन धन्य-धन्य हो जाता है। इसलिये अधिक से अधिक श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण करना चाहिए। जितनी ज्यादा कथा सुनेंगे उतना ही जीवन सुधरेगा।

भागवत का दर्शनाभिलाषी, स्वागताकांक्षी और विनीत कौन है यह जानिए :

दर्शनाभिलाषी मथुरा सिन्हा, लक्ष्णी सेवक राम सिन्हा, रूखमणी तुकाराम गजेंद्र, ओमबाई भोपालराम सिन्हा, साधना कल्पेश सिन्हा, श्वेता नीतिन सिन्हा,  भूमिका दुर्गेश डडसेना, तुष्टी डडसेना, महेश, कृपा, किसुन, वीरसिह, देवसिंग, खुमान, खगेश, तिलक, प्रमोद, उमान, परेदेशी, शत्रुघन, सत्तू, हिरप, पिंटू, मोहन स्वागताकांक्षी कोमल खेमिन, जगदीश कुमलेश्वरी, प्रेमप्रकाश उर्वशी, वेदप्रकाश गीता गोपेश, नवल, मानसी, माही, अथर्व तथा विनीत बूंदा बाई सिन्हा, गुणिकलाल सिन्हा, भानूदेवी सिन्हा आपके पधारने का इंतजार कर रहे हैं।

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