शरद पूर्णिमा 2020 : चन्द्रमा की चांदनी में करें 8 काम मिलेंगे कई फायदें… जानिए इस बार मनाएंगे “शरद पूर्णिमा”

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शरद पूर्णिमा 2020 : चन्द्रमा की चांदनी में करें 8 काम

Sharad Purnima 2020 Date: आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को शरद पूर्णिमा या आश्विन पूर्णिमा कहते हैं। इस पूर्णिमा को कोजागरी पूर्णिमा भी कहते हैं। इस पूर्णिमा में श्री हरि विष्णु के साथ माता लक्ष्मी की पूजा भी की जाती है। इस बार यह पूर्णिमा 30 अक्टूबर 2020 को है। ऐसा भी कहा जाता है कि इस दिन माता लक्ष्मी रात में धरती पर विचरण करती हैं। इसलिए इसो कोजागरी पूर्णिमा का नाम दिया गया है।

शरद पूर्णिमा चन्द्रमा की चांदनी विशेष गुणकारी, श्रेष्ठ किरणों वाली और औषधियुक्त होती है। इस समयावधि की रात में शीतल चन्द्रमा की चांदनी का लाभ उठाना चाहिए। शरद पूर्णिमा की रात ये 8 या इनमें से कोई एक काम अवश्य करें।

1. नेत्रज्योति बढ़ाने के लिए रात्रि में 15 से 20 Minute तक चन्द्रमा को देखकर त्राटक करें ।

2 . जो भी इन्द्रियां शिथिल हो गई हैं उन्हें पुष्ट करने के लिए चन्द्रमा की चांदनी में रखी खीर रखना चाहिए।

3 . चंद्र देव,लक्ष्मी मां को भोग लगाकर वैद्यराज अश्विनी कुमारों से प्रार्थना करना चाहिए कि ‘हमारी इन्द्रियों का तेज-ओज बढ़ाएं।’ तत्पश्चात् खीर का सेवन करना चाहिए।

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4. शरद पूर्णिमा अस्थमा के लिए वरदान की रात होती है। रात को सोना नहीं चाहिए। रात भर रखी खीर का सेवन करने से दमे का दम निकल जाएगा।

5 . पूर्णिमा और अमावस्या पर चन्द्रमा के विशेष प्रभाव से समुद्र में ज्वार-भाटा आता है। जब चन्द्रमा इतने बड़े समुद्र में उथल-पुथल कर उसे कंपायमान कर देता है तो जरा सोचिए कि हमारे शरीर में जो जलीय अंश है,

सप्तधातुएं हैं, सप्त रंग हैं, उन पर चन्द्रमा का कितना गहरा प्रभाव पड़ता होगा। अ त: इस रात कोई एक मंत्र का पूर्णत.: मन लगाकर ध्यान करें। 100% कामना पूरी होगी।

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6. इस रात श्वेत आसन पर बैठकर चांदी की थाली में मखाने, खीर, चावल और सफेद फूल का भोग चंद्रदेव को लगाएं।

7 . शरद पूर्णिमा पर Puja , मंत्र, भक्ति, उपवास, व्रत आदि करने से शरीर तंदुरुस्त, मन प्रसन्न और बुद्धि आलोकित होती है।

8 . इस रात सूई में धागा पिरोने का अभ्यास करने से नेत्रज्योति बढ़ती है।

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